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raaja or rani ek prem kahani

सच्चे प्रेमी की पहचान | एक राजा और तीन रानियों की कहानी

एक समय की बात है, एक राज्य में एक राजा राज्य करता था । राजा के तीन रानियाँ थी, जिनसे राजा बेहद प्रेम करता था । किन्तु पहली रानी के अधिक सुन्दर होने के कारण राजा उससे अधिक प्रेम करता था, तथा उसे अधिक समय देता था । दूसरी और तीसरी रानी को राजा अधिक […]

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shiv ka sachcha bhakt

शिव का सच्चा भक्त कौन | एक शिव भक्त की कहानी

सोने का थाल – कहानी एक नगर में भगवान शिव का एक भव्य मंदिर था । जहाँ हर वर्ष दूर – दूर से भक्तजन शिवजी के दर्शन के लिए आते रहते थे । श्रावण का महिना था । दूर – दूर से कावड़िये कावड़ लेकर भगवान शिव को जलाभिषेक करने आये हुए थे । मंदिर […]

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वैद्यजी की चिकित्सा

वैद्यजी और झूठे ब्रह्मज्ञानी की कहानी | दो लघु कथाएँ

एक नगर में एक शुभचिंतक राजा रहता था । राजा अपनी प्रजा से बड़ा ही स्नेह – प्रेम करता था । दुर्भाग्य से उनके राज्य में एक महामारी फ़ैल गई । जिसके रहते लोग मरने लगे और राज्य की अधिकांश जनता अपंग हो गई, लेकिन राज्य में कोई वैद्य नहीं था । राजा ने पड़ोसी […]

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ishvar vishvas ki kahaniya

ईश्वर विश्वास की तीन आध्यात्मिक कहानियां

ईश्वर विश्वास की पराकाष्ठा एक बार दो व्यक्ति व्यापार के लिए दुसरे देश गये । उन दोनों में से एक था पक्का आस्तिक और एक था पक्का नास्तिक । आस्तिक अपने जीवन में हमेशा ईश्वर को धन्यवाद देता था । चाहे उसके साथ अच्छा हो या बुरा । नास्तिक हमेशा ईश्वर को कोसता रहता था […]

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गृहस्थ और सन्यासी

गृहस्थ बड़ा या सन्यासी – प्रेरणाप्रद कहानी

प्राचीन समय की बात है । किसी नगर में एक विचित्र राजा रहता था । उस राजा की एक बड़ी ही अजीब आदत थी । जब भी नगर में कोई साधू या सन्यासी आता था तो वह उसे बुलाकर पूछता था कि – “ गृहस्थ बड़ा या सन्यासी ?” जो भी बताता कि गृहस्थ बड़ा […]

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sahanshilta par kahani

सहनशक्ति का महत्त्व | सहनशीलता की कहानी

बेटे की शादी हुई और जैसे ही नई नवेली दुल्हन का आगमन हुआ । माँ ख़ुशी से नाचने लगी । माँ को ऐसा लगा जैसे उसके सारे अरमान पलभर में पुरे हो गये हो । शुरुआत में तो माँ ने बहु को बड़े ही लाड़ – प्यार से रखा, लेकिन जैसे – जैसे दिन बीतते […]

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सामाजिक अनुशासन का महत्त्व

लोग बेईमान कब होते है | सामाजिक अनुशासन का महत्त्व

एक बार एक राजा भरे दरबार में अपनी प्रजा की ईमानदारी और नीति निष्ठा की खुलकर बड़ी प्रशंसा कर रहा था । सभी महाराज की हाँ में हाँ मिलाये जा रहे थे । पुरे राजदरबार में महाराज की वाह – वाह हो रही थी । किन्तु तभी महाराज की नजर महामंत्री पर पड़ी । वह […]

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