Skip to main content
गणेशजी के मन्त्र

श्री गणेश जी से जुड़े अनोखे तथ्य | गणेश चतुर्थी महोत्सव

गणेश चतुर्थी सभी त्योहारों की तरह गणेश चतुर्थी भी हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार है जो पुरे भारत सहित महाराष्ट्र में बड़े ही हर्ष के साथ मनाया जाता है । पौराणिक आख्यानों के अनुसार भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को गणेशजी का जन्मदिन माना जाता है । उसी ख़ुशी में गणेश पूजन किया जाता है । भगवान श्रीगणेश […]

Read More

raaja or rani ek prem kahani

सच्चे प्रेमी की पहचान | एक राजा और तीन रानियों की कहानी

एक समय की बात है, एक राज्य में एक राजा राज्य करता था । राजा के तीन रानियाँ थी, जिनसे राजा बेहद प्रेम करता था । किन्तु पहली रानी के अधिक सुन्दर होने के कारण राजा उससे अधिक प्रेम करता था, तथा उसे अधिक समय देता था । दूसरी और तीसरी रानी को राजा अधिक […]

Read More

च्यवन ऋषि की कथा | सुकन्या का साहस

एक पौराणिक कथानक है । पौराणिक समय में शर्याति नामक एक राजा हुए है, जो वैवस्त मनु के दस पुत्रों में से एक थे । राजा शर्याति जब भी समय मिलता, अपने परिजनों के साथ बिताते थे । एक बार राजा शर्याति अपने परिजनों के साथ वन विहार कर रहे थे । दिन भर घूमते […]

Read More

रक्षा बंधन की पौराणिक कहानियाँ

रक्षाबंधन का इतिहास व पौराणिक कथाएं

भारत में रक्षाबंधन की शुरुआत कब हुई, इसकी कोई निश्चित तिथि तो पता नहीं लेकिन पौराणिक कथाओं के अनुसार रक्षाबंधन का आरम्भ सतयुग से माना जाता है । देवी लक्ष्मी ने राजा बलि को राखी बांधकर की रक्षाबंधन की शुरुआत पौराणिक काल में बहुत बड़े दानवीर तथा भगवान विष्णु के परमभक्त एक राजा हुए थे […]

Read More

रक्षाबन्धन

रक्षाबंधन का महत्त्व | राखी कैसे मनाते है

भारत में रक्षाबंधन की शुरुआत पौराणिक काल से मानी जाती है । विशेषरूप से भारत में रक्षाबंधन को हिन्दू और जैन अनुयायी मनाते है । रक्षाबंधन श्रावण मास की पूर्णिमा ( इस साल 26 अगस्त रविवार ) को मनाया जाता है, इसलिए इसे श्रावणी, सलूनो और राखी भी कहते है । वैसे तो श्रावण मास […]

Read More

shiv ka sachcha bhakt

शिव का सच्चा भक्त कौन | एक शिव भक्त की कहानी

सोने का थाल – कहानी एक नगर में भगवान शिव का एक भव्य मंदिर था । जहाँ हर वर्ष दूर – दूर से भक्तजन शिवजी के दर्शन के लिए आते रहते थे । श्रावण का महिना था । दूर – दूर से कावड़िये कावड़ लेकर भगवान शिव को जलाभिषेक करने आये हुए थे । मंदिर […]

Read More

नाम जप की महिमा कहानी

श्रद्धा नहीं तो नाम जप बेकार | नाम जप की महिमा

एक गाँव में एक साधू महाराज रहते थे । साधू महाराज जहाँ भी जाते, नाम जप पर उपदेश देते थे । साधू महाराज की नाम जप पर अगाध श्रृद्धा को देखकर कई लोगों ने उनसें राम नाम की दीक्षा ली । कुछ लोग तो उनके सानिध्य में रहकर ईश्वर का अनुग्रह पाने के लिए उनके […]

Read More